अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दुनिया के कई देशों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा है। इसी कड़ी में भारत और स्वीडन के बीच गहरे होते राजनयिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में पीएम मोदी को स्वीडन के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित ‘ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ (Order of the Polar Star) के महत्व से जोड़ा जाता है।
क्या है ‘ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’?
यह स्वीडन का एक अत्यंत प्रतिष्ठित रॉयल ऑर्डर (शाही सम्मान) है, जिसकी स्थापना 1748 में राजा फ्रेडरिक प्रथम द्वारा की गई थी। यह सम्मान मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों को स्वीडन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को असाधारण ऊंचाइयों पर ले जाने, समाज की सेवा करने और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दिया जाता है।
सम्मान और मजबूत होते संबंधों के प्रमुख कारण
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत और स्वीडन के रिश्ते सिर्फ पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं:
- भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत ने स्वीडन सहित नॉर्डिक देशों (स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड) के साथ संबंधों को एक नया आयाम दिया। स्टॉकहोम में आयोजित शिखर सम्मेलनों ने इन संबंधों को वैश्विक मंच पर मजबूत किया।
- जलवायु परिवर्तन पर साझा नेतृत्व (LeadIT): भारत और स्वीडन ने मिलकर ‘लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन’ (LeadIT) की शुरुआत की। यह वैश्विक मंच पर भारी उद्योगों (जैसे स्टील और सीमेंट) को कम कार्बन उत्सर्जन की ओर ले जाने का एक बड़ा प्रयास है।
- ‘मेक इन इंडिया’ और स्वीडिश निवेश: स्वीडन की दिग्गज तकनीकी और ऑटोमोबाइल कंपनियों (जैसे एरिक्सन, वोल्वो और एबीबी) ने भारत के विनिर्माण, 5G/6G टेक्नोलॉजी और डिफेंस सेक्टर में भारी निवेश किया है।
वैश्विक मंच पर बढ़ता भारत का गौरव
स्वीडन और नॉर्डिक देशों द्वारा भारत के नेतृत्व को यह सम्मान और महत्व दिया जाना यह दर्शाता है कि भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (दुनिया एक परिवार है) की नीति को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। पीएम मोदी को मिले दुनिया के विभिन्न सर्वोच्च सम्मानों की श्रृंखला में यह साझेदारी भारत की मजबूत होती वैश्विक साख का एक बड़ा प्रमाण है।















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